संवाद, वेशभूषा, बोलचाल और व्यवहार के सामान्य नियमों और तकनीकों को सीखकर बच्चे घर, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों में उचित व्यवहार और आत्मविश्वास से बर्ताव कर सकेंगे। जीवन में आए विभिन्न नैतिक नियम धीरे-धीरे बच्चों के आदत में बदल जाएंगे, जिससे वे ज्ञानवान और आदरणीय छोटे सज्जन या छोटी सज्जना बन जाएंगे।