चूहा जीजी अपने चाचा के घर मेहमान होने जा रही थी। उसका मन बहुत खुश था, वह ऐसे चल रही थी जैसे नाच रही हो, और बिना ध्यान दिए ही नदी के पास पहुँच गई, जहाँ एक छोटा सा पुल था।
सामाजिक अनुकूलन व्यवहार की आदतें सामाजिक संबंध आत्म-जागरूकता