बड़ा होकर क्या करना है

हे, बच्चों, बड़े होकर तुम क्या बनना चाहोगे? एक छोटी सी बात, लेकिन दिल में गूंजती हुई, बचपन की लय में गूंजती हुई, जैसे बच्चों की गीत। दिल के रंगों की दुनिया, आँखों में चमकती हुई, हर एक सपना एक रंगीन फूल, खिलता अपनी धुन में। तुम्हारा दिल जहाँ उड़े, वहीं तुम्हारा रास्ता है, छोटे-छोटे पैरों में भी बड़े विश्व की आवाज़ है।

न्यू स्टार प्रेस जापान आत्म-परीक्षण क्षमता हिंदी आनंद आत्म-जागरूकता समाज आत्म-जागरूकता प्रारंभिक कक्षा माध्यम वर्ग प्राथमिक कक्षा व्यावसायिक अनुभव पांच तारा